परिचय

नींद हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है और इसके लिए समुचित वातावरण का निर्माण हमारे विश्राम की गुणवत्ता को बढ़ा देता है। सुखद सपनों वाली नींद – समुचित नींद का वातावरण बनाना एक विस्तृत मार्गदर्शन है, जिसका उद्देश्य है, आपके शयनकक्ष (बेडरूम) को अधिकतम आराम और विश्राम के अनुकूल बनाना। इस लेख में हम शांतिपूर्ण निद्रा के लिए आवश्यक कारक ढूंढेंगे, जैसे कि बिस्तर या बिछौना, रोशनी, आवाजों का स्तर तथा तापमान। इस लेख में दिए गए सुझावों और संकेतों का पालन करने से आप हर रात सुखद नींद ले पाएँगे।

सुखद सपनों वाली नींद – सोने के लिए समुचित वातावरण बनाना

अच्छी नींद के लिए एक समुचित वातावरण तैयार करने के अंतर्गत अनेक बातें आती हैं, जो सकारात्मक अथवा नकारात्मक तरीके से आपकी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। आइए हम हर प्रकार के इन कारणों को खोजें और जानें कि किस प्रकार हम उन्हें रात्रि की विश्रामदायक नींद के लिए अनुकूल बना सकते हैं।

1. उचित बिस्तर

आरामदायक नींद का वातावरण बनाने के लिए सही बिस्तर का होना अत्यंत आवश्यक है। आपकी रात्रि की नींद सुखद बनाने के लिए गद्दा, तकिया और चादर की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।

हम यदि गद्दे की बात करें, तो वह अनेक प्रकार के उपलब्ध हैं, जैसे कि मेमोरी फोम, लेटेक्स और इनरस्प्रिंग। हर प्रकार के गद्दे की उसकी अपनी विशिष्ट विशेषता है। इसलिए आप वह चुनें, जो आपकी पसंद के अनुकूल है तथा आपके शरीर को पर्याप्त आराम देता है।

नींद की उचित मुद्रा तथा मेरुदंड को सीधा रहने के लिए तकिया भी महत्वपूर्ण है। आपकी पसंदीदा नींद की स्थिति के अनुसार आपको मुलायम, मध्यम या सख्त तकिये की आवश्यकता हो सकती है। इसके अतिरिक्त तकिया किस कपड़े से बना है, उस पर भी ध्यान दें क्योंकि कुछ लोगों को किसी विशेष प्रकार के कपड़े से एलर्जी अथवा संवेदनशीलता हो सकती है।

अंत में कहेंगे कि अच्छी गुणवत्ता वाली चादरें खरीदें जो आरामदायक हो, जिनमें से साँस लिया जा सके। सूती अथवा बाँस से बना सामान ही खरीदें, जो सोते समय आपके शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करेगा।

2. रोशनी पर नियंत्रण

प्रकाश हमारे सोने-जागने के क्रम को विनियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसे हम जैविक घड़ी (सर्कैडियन लय) के रूप में भी जानते हैं। एक अच्छी नींद के लिए वातावरण तैयार करने के प्राकृतिक और कृत्रिम (बनावटी) दोनों प्रकार की रोशनी के स्रोतों का प्रबंध जरूरी है।

दिन के समय जितना हो सके स्वयं को प्राकृतिक रोशनी में रखें। अपने पर्दे और ब्लाइंड्स खोल दें, ताकि सूर्य का प्रकाश आपके कमरे में आ सके। इससे आपकी भीतरी घड़ी विनियमित रहती है तथा दिन के समय में सतर्कता को बढ़ाती है।

सायंकाल में कृत्रिम रूप से आने वाली रोशनी के संपर्क में कम से कम आएँ। विशेषकर, स्मार्टफोन और टैबलेट जैसी विद्युत से चलने वाले उपकरण। इन उपकरणों से निकलने वाला नीला प्रकाश नींद को नियमित करने वाले मेलाटोनिन नाम के हार्मोन की उत्पत्ति को दबाकर आपकी नींद में बाधा डाल सकता है।

स्ट्रीट लाइट अथवा सुबह की धूप जैसी बाह्य स्रोतों को पूर्णतया अंधेरा करने वाले पर्दे से रोक दें। इससे उत्पन्न अंधकारमय वातावरण से नींद गहरी और विश्रामदायक होती है।

3. शोर के स्तरों का प्रबंध

शोर के कारण होने वाली अशांति आपकी नींद की गुणवत्ता को काफी हद तक प्रभावित करती है। नींद के लिए एक शांत वातावरण तैयार करने से आप जल्दी सोएंगे और पूरी रात भी सोए रह सकते हैं।

अगर आप शोरगुल वाले इलाके में रहते हैं अथवा आपके पड़ोसी बहत शोर करते हैं, तो बाहरी आवाजों को रोकने के लिए इयरप्लग का प्रयोग कर सकते हैं। वैकल्पिक रूप से आप व्हाइट नॉइस मशीन अथवा पंखों का प्रयोग कर सकते हैं, जो अपनी शांतिदायक ध्वनि के द्वारा परेशान करने वाले शोर को ढक देते हैं।

प्राकृतिक ध्वनियों को पसंद करने वाले व्यक्तियों के लिए शांतिप्रद संगीत या फिर प्रकृति की आवाजें जैसे कि सागर की लहरों की ध्वनि या फिर जंगल में होने वाली बारिश जैसा वातावरण, आसपास से आ रहे शोर को कम कर के विश्रांति दायक हो सकता है।

4. तापमान नियंत्रण

आरामदायक नींद के वातावरण के लिए शयनकक्ष में उचित तापमान का होना बहुत जरूरी है। हर व्यक्ति के लिए एक आदर्श तापमान अलग अलग हो सकता है, परंतु साधारणतया ठंडे कमरे में नींद बेहतर आती है।

अपने शयनकक्ष के तापमान को नियंत्रित करने के लिए निर्देशानुसार काम करने वाले ताप नियंत्रक (थर्मोस्टेट) का प्रयोग भी आप कर सकते हैं।

बिस्तर के लिए प्रयोग आने वाला कपड़ा ऐसा खरीदें जिसमें से साँस लिया जा सके और जो आपके शरीर के तापमान को सामान्य रखे, जैसे कि नमी सोखने वाली चादरें अथवा कपास या बाँस जैसे प्राकृतिक रेशों से बनें कंबल।

5. अव्यवस्थित शयन कक्ष

अव्यवस्थित शयन कक्ष आपकी नींद के लिए उचित वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। वह आपकी नजर को भटकाएगा तथा आप में तनाव व चिंता के भाव जागेंगे। अपने शयनकक्ष को व्यवस्थित रखने से आप एक बेहतर शांतिपूर्ण वातावरण बनाएँगे। जिस कारण से आप विश्रांति पूर्ण तथा आरामदायक नींद ले पाएँगे।

ध्यान रखें कि आपके शयनकक्ष में बहुत अधिक फर्नीचर अथवा अनावश्यक सामान न हो, उनको ठीक तरह से रखने का समाधान करें। ऐसा करने से आपका कमरा साफ और व्यवस्थित रहेगा तथा आँखों को नहीं खटकेगा।

6. विश्राम और शांति को बढ़ाना

एक सुखद सपनों वाली नींद लेने के लिए यह आवश्यक है कि एक पूर्ण विश्राम तथा शांति प्रदान करने वाला वातावरण बनाया जाए। अपने शयन कक्ष में इन तत्वों का समावेश करेंः:

  • जैसे कि हल्की और आराम देने वाले रंग: शयन कक्ष की दीवारों के रंग शांत करने वाले होने चाहिए जैसे कि नीला, हरा या फिर न अधिक गहरा या ना अधिक हल्का। बिछौना भी वातावरण को शांत बनाने वाला हो।
  • एरोमाथेरेपी (गंध चिकित्सा): एक शांतिदायक वातावरण बनाने के लिए लैवेंडर या चमेली का ईथर तेल या सुगंधित मोमबत्तियों का प्रयोग करें।
  • बैठने के लिए आरामदायक स्थान: यदि आपके पास पर्याप्त स्थान है, तो अपने शयनकक्ष में एक ऐसा विश्रामदायक कोना बनाएँ, जहाँ बैठकर आप आराम कर सकते हैं और पुस्तक पढ़ सकते हैं या फिर सोने से पहले के कुछ सचेतन व्यायाम कर सकते हैं।
  • ऐसी रोशनी जिसे कम या ज्यादा किया जा सके: शयनकक्ष में हल्की और आरामदायक रोशनी के वातावरण के लिए कमरे में रोशनी को कम करने वाले स्विच लगायें या फिर बिस्तर के पास ऐसे लैंप लगाएँ, जिसकी रोशनी कम या ज्यादा की जा सके।

अपने शयन कक्ष में इन सभी कार्यों को करने से आप एक ऐसा शांतिपूर्ण स्थान बना लेंगे, जो आपको पूर्ण विश्राम देने वाला होगा और आपका शरीर और मस्तिष्क एक अच्छी रात की नींद ले पाएगा।

प्रश्नोत्तर

आपकी नींद की गुणवत्ता के लिए सोने का वातावरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिस्तर, रोशनी का स्तर तथा तापमान, यह सब आपके सोने के अथवा सारी रात जागते रहने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।
रात्रि में अच्छी नींद लेने के लिए मैट्ट्रेसेस का प्रकार व्यक्तिगत पसंद और जरूरतों पर निर्भर करता है। मेमोरी फॉर्म मैट्ट्रेसेस व्यक्ति की थकान को दूर करने के लिए जानी जाती हैं, जबकि इनर स्प्रिंग मैट्ट्रेसेस अधिक उछाल देती है। लेटेक्स मैट्रेस सहारा और आराम दोनों देती है। यह महत्वपूर्ण है कि आप विभिन्न प्रकार की मैट्ट्रेसेस ट्राई करें और वह चुनें, जो आपके लिए सबसे अच्छी है।
ईयर प्लग अथवा वाइट नॉयस मशीन या फिर शांतिदायक संगीत के द्वारा आप शोर के कारण होने वाली परेशानी को कम कर सकते हैं। यह तंग करने वाले शोर को ढककर एक शांतिपूर्ण नींद का वातावरण बना सकते हैं।
शयनकक्ष का उचित तापमान व्यक्ति के अनुसार अलग अलग होता है। साधारणतया हल्का ठंडा कमरा बेहतर नींद का कारण होता है। सामान्यतः तापमान 60 से 67 डिग्री फारेनाहाइट (15 से 19 डिग्री सेल्सियस) होना चाहिए। इसे आप अपने व्यक्तिगत पसंद के अनुसार भी रख सकते हैं
एरोमोथेरेपी गहरे विश्राम के भाव, गहरी नींद की गुणवत्ता को बढ़ा सकती है। ईथर तेल, जैसे कि लैवेंडर और चमेली का प्रयोग शांतिप्रद होता है और आपके सोने के वातावरण को आरामदायक बना सकता है।
एक व्यवस्थित शयनकक्ष बनाने के लिए आपको बेकार चीजों को नियमित रूप से हटाना होगा तथा उन्हें रखने के लिए उचित प्रभावशाली संग्रह समाधान करना होगा। कमरे में फर्नीचर और बेकार सामान कम से कम होना चाहिए। एक ऐसा व्यवस्थित तरीका अपनाएँ, जिससे आपका स्थान स्वच्छ और आँखों को सुंदर प्रतीत हो।

निष्कर्ष

सुखद सपनों वाली नींद और विश्राम पूर्ण रातों का आनंद लेने के लिए पूरी तरह से बढ़िया वातावरण का निर्माण अनिवार्य है। बिस्तर, रोशनी आवाजों का स्तर, तापमान तथा कचरा आदि बातों का ध्यान रखने से आप अपनी नींद के वातावरण को अधिक से अधिक सुखद एवं विश्रामदायक बना सकते हैं। याद रखें कि आप अपने सोने के स्थान को अपने व्यक्तिगत रुचि और जरूरतों के अनुसार तैयार करें। आपके द्वारा इस प्रकार से तैयार किए गए नींद के लिए वातावरण में सुखद सपने आपकी प्रतीक्षा करेंगे।

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