कुछ लोगों के लिए कब्ज एक दैनिक मामला बन गया है और हम आम तौर पर इसे एक बीमारी मान लेते हैं, जबकि यह एक लक्षण है। यदि सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह श्रोणि रोगों और पेट के विकारों में बदल सकता है। लेकिन व्यक्ति अक्सर कब्ज को लापरवाही से लेता है। दैनिक व्यवहार में थोड़ा सा बदलाव कर, घरेलू उपचार से ही इसे ठीक कर सकते हैं। आइए हम इस के कारणों और लक्षणों को जान लें।

कब्ज: लक्षण और कारण

कब्ज का अर्थ केवल मल निकासी का बिल्कुल न होना अथवा लघु मात्रा में होना ही नहीं है। वास्तव में इस समस्या की उपस्थिति अनेक लक्षणों से ज्ञात हो सकती है।

  1. अनियमित या कम मात्रा में मल त्याग
  2. मल त्यागने में दबाव
  3. छोटे या कठोर मल का पारित होना
  4. पेट में दर्द और ऐंठन
  5. फूला हुआ पेट
  6. सिर दर्द

इन सभी लक्षणों के होने का मूलभूत कारण अस्वास्थ्यकर जीवनशैली है, जिसके विशेष कारणों में से कुछ कारण निम्नलिखित हैं:

  • अनुचित कार्य समय
  • विश्राम के लिए कम समय
  • जंक/ अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन
  • भोजन में ताजे फलों व हरी पत्तेदार सब्जियों की कमी
  • कम मात्रा में पानी का सेवन

कब्ज पीड़ितों का रक्षक – योग

कब्ज के उपचार के लिए अनेक प्राकृतिक उपाय उपलब्ध हैं। लेकिन यह ठीक ही कहा गया है कि – “निवारण हमेशा इलाज से बेहतर है और कब्ज के लिए योगासन करना सबसे अच्छा तरीका है।”

कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए कुछ सुझाव:

  • ताजी पत्तेदार सब्जियों और फलों जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें।
  • प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन करें। सुबह में गर्म तरल पदार्थ का सेवन बहुत उपयोगी हो सकता है।
  • दैनिक मल त्याग के लिए एक नियमित दिनचर्या बनाएँ।
  • कब्ज के लिए योग का नियमित अभ्यास करें।

योग – कब्ज को दूर करने का एक प्राकृतिक तरीका

कब्ज के लिए योग का कुछ ही मिनटों का अभ्यास मल त्यागने में होने वाली परेशानी से राहत दिला सकता है। पेट में खिंचाव और पेट फूलने की समस्या से भी राहत दिलाता है व सारा दिन सुख एवं शांति रखने में भी मदद करता है।

कब्ज के लिए योगासन करने से हमारा शरीर तरोताजा रहता है तथा शरीर में रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह को भी बढ़ाने में मदद करता है। अधिकांश योग आसनों में श्रोणि का अच्छा संचलन होने के कारण, योगाभ्यास वास्तव में कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

कब्ज निवारण के लिए पांच योगासन

कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कुछ योगासनों की सलाह दी जाती है। इनके नियमित अभ्यास से इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

1. मयूरासन

  • पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रभाव को नष्ट करता है।
  • यह पेट में दबाव को बढ़ाता है।
  • प्लीहा और यकृत को बढ़ने से रोकता है।

2. अर्धमत्स्येंद्रासन

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अर्धमत्स्येंद्रासन कैसे करें

पैन्क्रियाज, लिवर, स्प्लीन, किडनी, पेट और कोलन को सक्रिय करता है।

3. हलासन

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हलासन कैसे करें

  • यकृत (लिवर) तथा आँतों को विश्राम देता है।
  • श्रोणी भाग में रक्त संचार को बढ़ाता है तथा पाचन क्रिया को सुदृढ़ करता है।

4. पवनमुक्तासन

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पवनमुक्तासन कैसे करें

  • पेट से गैस को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • अम्लपित्त (एसिड रिफ्लक्स) से राहत दिलाने में भी मदद करता है।
  • अपच जैसी समस्याओं का निदान करता है।

5. बद्धकोणासन (तितली आसन)

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बद्धकोणासन कैसे करें

  • पेट की गैस, सूजन तथा मरोड़ से राहत दिलाता है।
  • तनाव को कम करता है।

कब्ज के लिए योग का नियमित अभ्यास

चिंता करना बंद करें और अभ्यास शुरू करें। आपके दैनिक समय के बस कुछ ही पल के अभ्यास से आप एक स्वस्थ पाचन तंत्र प्राप्त कर सकते हैं तथा परिणाम स्वरूप खुश भी रह सकते हैं। परंतु अपने आहार में सुधार लाना ना भूलें, जैसे कि फाइबरयुक्त भोजन, फल और सब्जी और पानी का पर्याप्त सेवन कब्ज को दूर रखने में मदद करता है। योग का नियमित अभ्यास शरीर और मन के विकास में मदद करता है। साथ ही इसके कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी हैं परंतु फिर भी यह दवा का विकल्प नहीं है।

एक प्रशिक्षित श्री श्री योग शिक्षक की देखरेख में ही इन योगासनों को सीखना व इनका अभ्यास करना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी विकार की स्थिति में, एक डॉक्टर और एक श्री श्री योग प्रशिक्षक से परामर्श के बाद ही योगासनों का अभ्यास करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आमतौर पर कब्ज से पीड़ित व्यक्ति का यही प्रश्न होता है कि कब्ज से छुटकारा कैसे पाएं?  सबसे पहले सुबह उठकर एक गिलास गर्म पानी पीना चाहिए। कब्ज की समस्या से निजात पाने के लिए आसानी से पचने वाला भोजन करें। हर रोज कब्ज के लिए योगासन और प्राणायाम करें।
कब्ज के कारण पीड़ित के पेट में गैस रहती है। पेट हमेशा फूला हुआ रहता है और समय पर भूख भी नहीं लगती है। कब्ज के कुछ लक्षण निम्न हैं, जिनसे इसकी पहचान कर समय पर उपचार लिया जा सकता है। 

1. साँसों से बदबू आना
2. चक्कर आना और जी मिचलाना
3. पेट में भारीपन महसूस होना
4. कमजोरी महसूस होना
5. पाचन खराब होना।
कब्ज कई कारणों से हो सकता है। इसके लिए आमतौर पर खराब व असंतुलित भोजन जिम्मेदार होता है। मैदे से बने उत्पाद, तली हुई खाद्य सामग्री, कम पानी पीना, रात में देर से भोजन करना, चाय का अत्याधिक सेवन, तम्बाकू या सिगरेट का सेवन, चिंता या तनाव आदि से भी कब्ज की समस्या हो सकती है।
कब्ज के कारण आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे 

1. सीने में जलन होना
2. पेट का भारी होना
3. मितली या उल्टी आना
4. आंतों में जख्म और सूजन होना
5. भूख नहीं लगना 
6. बवासीर या फिशर रोग होना।
पेट में गैस या कब्ज होने पर आपको हल्का और थोड़ी मात्रा में भोजन लेना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। इसके साथ ही आपको मसालेदार भोजन से बचना है और शराब व सिगरेट का सेवन भी नहीं करना है। देर रात भोजन भी नहीं करें।

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