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रवि मैहर की यात्रा: एक अनजान मोती से साक्री के मेयर बनने तक की
वर्ष 2000 17 वर्षीय रवि मेहर बिलासपुर छत्तीसगढ़ के एक छोटे गांव साकरी के एक सरकारी विद्यालय में दिन पूरा होने पर अपने किताबों का बस्ता बांध लिया और चल पड़ा फुटपाथ पर स्थित एक छोटे से झोपड़ी की तरफ जहां उसके पिताजी बैठते हैं। उसके पिताजी जो कि एक साधारण म ... -
श्वास जल ध्वनि कार्यक्रम के द्वारा ग्रामीण इलाकों का विकास
नव चेतना शिविर (जिसे श्वास जल ध्वनि कार्यक्रम भी कहा जाता है) आर्थिक एवं भावनात्मक रूप से पिछड़े एवं व्यथित समुदाय की चुनौतियों का समाधान करने के लिए आयोजित किया जाता है । उनके जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए उनको आवश्यक पद्धति एवं तकनीक से लैस किय ... -
बांस के बच्चों ने गायी नयी धुन
कर्णाटक की सोलिगा जनजाति में 821 घरों बिजली से उजागर हुए। दोपहर में एक रौशन झोपड़ी! ये एक नया नज़ारा था। नहीं, वो सूर्य का प्रकाश नहीं था। उस असामान्य दृश्य को देखने के लिए जल्द ही कुछ लोग, झोपड़ी के बाहर एकठ्ठा हो गए। कुछ फुसफुसाहटे, कुछ मुस्कुराहटें,कुछ ... -
उस परिवर्तन का सृजन करें जो आप देखना चाहते हैं
आर्ट आफ लिविंग प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न साधनों का योगदान करने का अवसर प्रदान करता है- आर्थिक सहयोग हो या शहर एवं ग्रामीण भारत में असंख्य सेवा प्रकल्पों के माध्यम से हो । अगर आप किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं या किसी की मदद या देखभाल की ... -
कापसी की अविश्वसनीय कहानी: सूखे से जल बाहुल्य तक की यात्रा
दादा साहब कटार नामक किसान के जीवन में आमूल परिवर्तन आ गया है। दादा साहब फलतन- सतारा हाईवे स्थित कापसी गाँव का निवासी हैं। जल के टैंकर के लिए दीर्घ प्रतीक्षा के दिन अब समाप्त हो गए हैं। अब उसे फलतन से आने वाले टैंकर की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। यह टैंकर प ... -
कनाडा में हरियाली
“डीपनिंग रूट्स” को 2005 में द आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों द्वारा युवाओं को एक अद्वितीय अनुभव के तहत स्थाई(टिकाऊ) कृषि और नेतृत्व के दृष्टिकोण से बनाया गया था।डीपनिंग रूट्स,तीन सप्ताह के ग्रीष्मकालीन गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम- पर्माकल्चर,स्वास्थ्य और कल्या ... -
आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम महिलाओं को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करता है
फूलपुर, इलाहाबाद: जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर फूलपुर, बोदई गांव शराब का अड्डा बन चुका था. महिलाओं ने व्यावसायिक क्षमता का दोहन किया और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्रों की मांगों को पूरा करने के लिए शराब का उत्पादन किया। जल्द ही, लगभग 90 प्र ... -
शबरी: पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को विद्यादान
भारत के उत्तर पूर्व के खूबसूरत गाँव बुनियादी ढांचे की कमी, अनुचित विकास और उग्रवाद के कारण कई चुनौतियों से तबाह हो गए हैं। शबरी जी ने 46 आदिवासी स्कूलों के निर्माण और सञ्चालन के माध्यम से उत्तर पूर्व में शिक्षा में क्रांति की, जिनमें से अधिकांश पहली पीढ़ी ... -
शबरी: पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को विद्यादान
भारत के उत्तर पूर्व के खूबसूरत गाँव बुनियादी ढांचे की कमी, अनुचित विकास और उग्रवाद के कारण कई चुनौतियों से तबाह हो गए हैं। शबरी जी ने 46 आदिवासी स्कूलों के निर्माण और सञ्चालन के माध्यम से उत्तर पूर्व में शिक्षा में क्रांति की, जिनमें से अधिकांश पहली पीढ़ी ... -
इस किसान के लिए जीवन बदलने वाला निर्णय
भारत में एक बहुचर्चित मुद्दा भोजन के आस पास घूमता है- इसमें किए जाने वाले बदलाव, पौधों को इंजेक्शन लगाकर, जैविक और रासायनिक रूप से उगाए गए आदि। हम कैसा भोजन खा रहे हैं और अपने परिवारों को खिला रहे हैं, इस पर हैरान करने वाली बहस को बेहतर ढंग से समझने की ...